सरकार ने विदेशी संपत्ति और आय का खुलासा करने के लिए पेश की योजना
केंद्र सरकार ने विदेशी संपत्ति और बेहिसाब विदेशी आय का खुलासा करने के लिए एक खास स्कीम पेश की है। इसका ऐलान 14 अगस्त को किया गया था।
'फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स डिस्क्लोजर स्कीम रूल्स, 2026' नाम की यह स्कीम 16 अगस्त से शुरू होगी, जिसमें योग्य करदाता 31 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
निर्धारित राशि का भुगतान करने और तय शर्तों को पूरा करने के बाद उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा और कानूनी प्रावधानों के तहत उन्हें सशर्त छूट मिलेगी।
आय का खुलासा करने के मिलेंगे 2 विकल्प
इस स्कीम में खुलासा करने के 2 तरीके हैं। पहला विकल्प यह है कि अगर, आपकी छिपी हुई विदेशी संपत्ति या आय एक करोड़ रुपये तक है तो उसकी कुल कीमत का 60 प्रतिशत भुगतान करना होगा। यह 60 प्रतिशत राशि टैक्स और पेनल्टी के रूप में बराबर-बराबर बांटी जाएगी।
दूसरा विकल्प उन संपत्तियों के लिए है, जिनकी कीमत 5 करोड़ रुपये तक है। इसके लिए आपको एक लाख रुपये का तय शुल्क देना होगा। इसमें वे संपत्तियां शामिल हैं, जो आपने विदेश में रहते हुए कमाई थीं और भारत में निवासी बनने के बाद उनकी जानकारी नहीं दी या फिर वे संपत्तियां जिन पर आपने भारत में टैक्स दिया था, लेकिन बाद में उन्हें विदेशी संपत्ति के शेड्यूल में शामिल करना भूल गए थे।
यह शुल्क फाइनेंस एक्ट, 2026 में बताई गई शर्तों के अधीन होगा। अगर, आप सभी शर्तें पूरी करते हैं तो आपको घोषणा का प्रमाण पत्र मिलेगा।
कानूनी प्रावधानों के अधीन, ब्लैक मनी कानून के तहत आपको किसी भी टैक्स, पेनल्टी या मुकदमे से छूट मिल जाएगी। संपत्ति का मूल्यांकन 31 मार्च, 2026 की स्थिति के अनुसार किया जाएगा।