मनी लॉन्ड्रिंग रोकने के लिए वित्त समिति कर रही क्रिप्टो-NFT की पड़ताल
भारत की शीर्ष वित्त समिति क्रिप्टोकरेंसी और नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) को लेकर गहराई से पडताल कर रही है कि देश इन्हें कैसे संभाले?
सरकार जोखिमों और मनी लांड्रिंग को लेकर चिंतित है। ऐसे में डिजिटल संपत्तियों पर नजर रखने के लिए स्मार्ट तकनीक के इस्तेमाल की बात हो रही है।
यह समीक्षा इसलिए भी अहम है क्योंकि अधिकारी लगातार लोगों को क्रिप्टो के खतरों से आगाह कर रहे हैं। साथ ही, उन वर्चुअल डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स पर सख्ती बरती जा रही है, जो मनी लांड्रिंग रोधी कानूनों का पालन नहीं कर रहे हैं।
संसद को सौंपेगी समिति अपनी सिफारिशें
भारतीय जनता पार्टी के सांसद भर्तृहरि महताब के नेतृत्व वाली समिति ने एक साल से भी ज्यादा समय से वर्चुअल डिजिटल संपत्तियों का अध्ययन किया है। जल्द ही, यह समिति अपनी सिफारिशें संसद को सौंपेगी।
उम्मीद है कि इसमें डिजिटल संपत्तियों की कड़ी निगरानी करने और इन्हें कानूनी रूप से कैसे संभाला जाए, इस पर बड़े पैमाने पर सलाह-मशविरे की बातें होंगी।
अभी तक भारत के पास क्रिप्टो के लिए कोई पूरे नियम नहीं हैं। इसलिए, सीमा पार के मुद्दों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर भी विचार किया जा रहा है।