जून में महंगाई दर RBI के अनुमानों से ऊपर निकलने की संभावना
जून में भारत का कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) 4.24 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। यह आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के तय लक्ष्य से थोड़ा ऊपर निकल जाएगा और जनवरी, 2025 के बाद पहली बार ऐसा होगा। इस उछाल की मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल और खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतें हैं।
खासकर अनाज महंगा होने से आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है।
अल नीनो की वजह से बढ़ी मुश्किल
अल नीनो की वजह से मौसम में आ रहे बदलाव खाने-पीने की चीजों को महंगा कर रहे हैं। अनुमान है कि यह महंगाई कुछ समय तक बनी रह सकती है।
हालांकि, एक राहत की बात यह है कि 'कोर इन्फ्लेशन' (खाने-पीने की चीजों और ईंधन की कीमतों को छोड़कर) लगभग 4 फीसदी पर स्थिर बनी हुई है।
हर सेक्टर में महंगाई बेकाबू नहीं हुई है। आर्थिक विशेषज्ञ इस नए आंकड़े पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। उनका मानना है कि यह आंकड़ा आने वाले महीनों में महंगाई और आम लोगों की जेब पर पड़ने वाले असर का संकेत देगा।