रिलायंस जियो को 11,003 करोड़ रुपये के टैक्स मामले में राहत
रिलायंस जियो को आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (ITAT) से बड़ी राहत मिली है। ITAT ने कंपनी के खिलाफ 2019-20 के लिए 11,003 करोड़ रुपये की टैक्स अस्वीकृति रद्द कर दी है।
दरअसल, जियो ने नेटवर्क चार्ज और कर्मचारियों के वेतन जैसे कुछ खर्चों को टैक्स चुकाते समय तो सामान्य कारोबारी खर्च बताया था, लेकिन अपने खातों में इन्हें 'वर्क इन प्रोग्रेस' के तौर पर दर्ज किया था।
ITAT ने मूल्यांकन अधिकारी की राय खारिज की
ITAT ने उस मूल्यांकन अधिकारी की राय को नहीं माना, जिसने कहा था कि ये खर्च जियो के मौजूदा नेटवर्क को चलाने या उसके रखरखाव से जुड़े थे, न कि कोई नई संपत्ति बनाने के लिए थे।
ट्रिब्यूनल ने साफ किया कि टैक्स से जुड़े नियमों को अकाउंटिंग के तरीकों को हूबहू अपनाना जरूरी नहीं है। साथ ही, उसने टैक्स अधिकारी पर आपत्ति जताई कि सभी खर्चों को एक ही बड़े निवेश के तौर पर क्यों देखा गया यानि, ट्रिब्यूनल के मुताबिक, कागजों पर किसी खर्च को क्या नाम दिया गया है, इससे कहीं ज्यादा जरूरी उसका असल मकसद होता है।