मार्च की तुलना में आधे हुए कच्चे तेल के दाम, फिर भी पेट्रोल-डीजल 7 रुपये महंगा
बिज़नेस
भारत का कच्चा तेल आयात मूल्य अब 68.86 डॉलर (करीब 6,400 रुपये) प्रति बैरल पर आ गया है। फरवरी में पश्चिम एशिया में शुरू हुए संघर्ष के बाद से यह सबसे निचला स्तर है।
मार्च में, जब वैश्विक आपूर्ति में रुकावट आई थी, तब यही दाम 157.04 डॉलर (करीब 14,0000 रुपये) के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था, जिससे अब इसमें भारी कमी आई है।
नुकसान की भरपाई कर रहीं पेट्रोलियम कंपनियां
तेल सस्ता होने के बावजूद मई में पेट्रोल और डीजल के दाम पेट्रोल पंप पर 7 रुपये प्रति लीटर से भी ज्यादा वसूले जा रहे हैं। इसकी वजह यह है कि सरकारी तेल कंपनियां अभी भी उन पिछले नुकसानों की भरपाई करने में लगी हैं, जब कच्चे तेल के दाम बहुत ज्यादा थे। इसके अलावा, सरकार भी संकट के समय दी गई अपनी सहायता को समायोजित करने की कोशिश कर रही है।
ऐसे में, अभी तत्काल पेट्रोल पंप पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें सस्ती होने की उम्मीद नहीं है।