GST परिषद की बैठक में मेट्रो से माल ढुलाई को मिल सकती है मंजूरी
वस्तु एवं सेवा कर (GST) परिषद की बैठक 7 अक्टूबर को होने वाली है। इसमें ई-वे बिल सिस्टम के तहत मेट्रो रेल को लाने पर विचार होगा। अभी ई-वे बिल के जरिए रेलवे, हवाई या समुद्री जहाजों से ले जाए जाने वाले एक तय सीमा से ज्यादा के माल की निगरानी होती है। अगर, ऐसा होता है तो दिल्ली मेट्रो जैसे संगठनों के लिए सामान लाना-ले जाना आसान हो जाएगा। दिल्ली मेट्रो अपने डिपो के बीच माल ढुलाई के लिए अपने नेटवर्क का उपयोग करना चाहती है, जो मौजूदा नियमों के तहत थोड़ा मुश्किल रहा है।
IPR पर लगने वाले टैक्स पर भी होगी चर्चा
इसके साथ ही, बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) पर लगने वाले टैक्स को लेकर भी एक प्रस्ताव पर बात हो रही है, ताकि स्थिति साफ हो सके।
फिलहाल IPR के स्थायी हस्तांतरण को माल की आपूर्ति और सेवाओं की आपूर्ति दोनों ही तरीकों से टैक्स के दायरे में रखा गया है, जिससे अक्सर उलझन होती है।
नए प्रस्ताव के तहत इन्हें केवल 'सेवा' माना जाएगा। इससे दूसरे देशों के साथ होने वाले सौदे सरल हो जाएंगे और निर्यात करने वाले लोग आसानी से अपना टैक्स रिफंड ले पाएंगे।
भारत का मेट्रो नेटवर्क अभी 26 शहरों में फैला हुआ है और अगले 2 सालों में ये अमेरिका के नेटवर्क से भी बड़ा हो सकता है। ऐसे में ये सभी बदलाव शहरी लॉजिस्टिक्स और डिजिटल बिजनेस के क्षेत्र में बड़े बदलाव ला सकते हैं।