डाटा सेंटर्स की बढ़ती संख्या के बीच बिजली उपकरणों की बढ़ रही मांग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती मांग के चलते दुनियाभर में नए-नए डाटा सेंटर बन रहे हैं। बिजली ट्रांसफार्मर और विद्युत उपकरण निर्माता HD हुंडई इलेक्ट्रिक और हैनान जिनपैन स्मार्ट टेक्नोलॉजी जैसी कंपनियां को बिजली से जुड़े उपकरणों की भारी मांग मिल रही है।
उत्तरी अमेरिका और यूरोप जैसे इलाकों में यह मांग बहुत ज्यादा है क्योंकि बड़ी-बड़ी टेक कंपनियां AI की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में लगी हैं।
सॉलिड-स्टेट ट्रांसफार्मर बनाने पर ज्यादा ध्यान
2030 तक डाटा सेंटर्स में करीब 7,000 अरब डॉलर (करीब 6.5 लाख अरब रुपये) का भारी निवेश हो सकता है, लेकिन इन सेंटर्स को बिजली ग्रिड से जोड़ना आसान नहीं होता। विकसित देशों में भी इसमें सालों लग जाते हैं।
इस बड़ी बिजली की मांग को संभालने के लिए निर्माता सॉलिड-स्टेट ट्रांसफार्मर बनाने पर और ज्यादा काम कर रहे हैं, जिससे उनकी कार्यकुशलता बढ़ेगी।
इसके अलावा, लिक्विड कूलिंग सिस्टम भी अब आम होता जा रहा है। अनुमान है कि जल्द ही 70 फीसदी नए डाटा सेंटर इन्हीं लिक्विड कूलिंग सिस्टम के साथ लगाए जाएंगे।
भले ही ऑर्डर बहुत ज्यादा आ रहे हों, लेकिन हाल के समय में उपकरण बनाने वाली सप्लायर कंपनियों के शेयर की कीमतें स्थिर हो गई हैं। निवेशक लगातार बढ़ रही प्रतिस्पर्धा के बीच उनके ऊंचे मूल्यांकन पर सवाल उठा रहे हैं।