ECB ने स्टेबलकॉइन के लिए बदले नियम, सुरक्षा को बेहतर बनाने की मंशा
यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) यूरोपीय संघ (EU) में स्टेबलकॉइन के नियमों को बदलने की दिशा में अहम कदम उठा रहा है।
अभी तक स्टेबलकॉइन जारी करने वालों को अपने रिजर्व का कम से कम 30 फीसदी हिस्सा बैंक जमाओं में रखना पड़ता था और अगर, वह क्रिप्टो स्टेबलकॉइन है तो यह 60 फीसदी तक भी हो सकता था। हालांकि, अब ECB नए तरलता नियमों का प्रस्ताव दे रहा है, जिनका मुख्य जोर इस बात पर होगा कि इन रिजर्व को कितनी जल्दी नकदी में बदला जा सकता है।
इन नियमों का मकसद सिस्टम को ज्यादा सुरक्षित बनाना और बढ़ते क्रिप्टो बाजार को और बेहतर तरीके से चलाना है।
रिजर्व संपत्ति को 5 दिन में नकद में बदलने का प्रस्ताव
ECB के नए प्लान के अनुसार, स्टेबलकॉइन जारी करने वालों को अपने रिजर्व का कुछ हिस्सा ऐसी संपत्तियों में रखना होगा, जिन्हें एक से 5 कार्य दिवसों के भीतर नकदी में बदला जा सके। इनमें ओवरनाइट रिवर्स रेपो या शॉर्ट-टर्म सरकारी बॉन्ड जैसी चीजें शामिल हो सकती हैं।
यह प्रस्ताव यूरोपियन बैंकिंग अथॉरिटी (EBA) के 2024 के उन प्रस्तावित नियमों से मेल खाता है, जिनके तहत मुख्य स्टेबलकॉइन को अपने रिजर्व का कम से कम 40 फीसदी हिस्सा एक कार्य दिवस की मैच्योरिटी वाली संपत्तियों में और 60 फीसदी हिस्सा 5 कार्य दिवस की मैच्योरिटी वाली संपत्तियों में रखना होगा।
वहीं, छोटे स्टेबलकॉइन के लिए यह अनुपात क्रमशः 20 और 30 फीसदी तय किया गया है। ये बदलाव ऐसे समय पर हो रहे हैं, जब MiCA-अनुपालक यूरो स्टेबलकॉइन में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। इनकी कीमत में 128 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है और ट्रेडिंग वॉल्यूम भी 43.1 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया है।