यूरोप में आयात पर कार्बन उत्सर्जन शुल्क के नियम किए सख्त
यूरोपीय संघ (EU) ने आयात पर लगने वाली कार्बन उत्सर्जन शुल्क से बचने के नियमों को अब और सख्त कर दिया है। इस फैसले से स्टील, सीमेंट और खाद जैसे उत्पादों पर सीधा असर पड़ेगा।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य यूरोप के बाहर से आने वाले सस्ते और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले सामान से अपने स्थानीय उद्योगों को बचाना है।
साथ ही, कंपनियों को ग्रीन टेक्नोलॉजी में निवेश करने के लिए भी बढ़ावा मिल सके। हालांकि, स्लोवाकिया, रोमानिया और लिथुआनिया जैसे कुछ देशों को यह फैसला कुछ खास पसंद नहीं आया, लेकिन ज्यादातर EU देशों ने इस कदम का समर्थन किया है।
जलवायु योजना का हिस्सा
यह सख्त नियम EU के जलवायु योजना का एक बहुत अहम हिस्सा है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि पर्यावरण से जुड़ी नीतियां सही मायने में लागू हों। साथ ही, जब यूरोप की इंडस्ट्रीज ग्रीन टेक्नोलॉजी अपना रही हैं, तब भी वे वैश्विक बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धा बनाए रखें।
यह दुनिया का पहला ऐसा कदम है क्योंकि किसी और क्षेत्र ने अभी तक पर्यावरण के लक्ष्यों और आर्थिक जरूरतों के बीच संतुलन बिठाने के लिए इस तरह की 'बॉर्डर फीस' नहीं लगाई है।