2026 में टेक सेक्टर में छंटनी जारी, पहली तिमाही में गई 73,000 लोगों की नौकरी
क्या है खबर?
टेक सेक्टर में 2026 में छंटनी तेजी से बढ़ रही है। छंटनी ट्रैक करने वाली वेबसाइट डाउनडिटेक्टर के अनुसार, इस साल की पहली तिमाही में ही 95 कंपनियों ने 73,200 से ज्यादा नौकरियां खत्म कर दी हैं। पिछले कुछ हफ्तों में छंटनी की रफ्तार और तेज हुई है। कई बड़ी कंपनियों ने अचानक कर्मचारियों को निकालने का फैसला लिया है, जिससे इंडस्ट्री में अनिश्चितता और चिंता का माहौल बन गया है और भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
कंपनियां
बड़ी कंपनियों में लगातार हो रही कटौती
स्नैप, डिज्नी, मेटा और ओरेकल जैसी बड़ी कंपनियों ने हाल ही में छंटनी की घोषणा की है। स्नैप लगभग 1,000 कर्मचारियों को निकाल रहा है, वहीं डिज्नी भी करीब 1,000 नौकरियों में कटौती की तैयारी में है। मेटा ने भी अलग-अलग विभागों में सैकड़ों कर्मचारियों को हटाया है। इन फैसलों से साफ है कि बड़ी कंपनियां अपने खर्च कम करने और कामकाज को आसान बनाने पर जोर दे रही हैं, ताकि बदलते हालात में खुद को संभाल सकें।
कारण
AI और लागत कम करने की रणनीति अहम कारण
इस छंटनी के पीछे सबसे बड़ा कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन को तेजी से अपनाना है। कंपनियां अब उन कामों को मशीनों से करवाना चाहती हैं जो पहले इंसान करते थे। इसके साथ ही खर्च कम करने और ऑपरेशन को सरल बनाने की कोशिश भी जारी है। पहले की तुलना में अब कंपनियां कम कर्मचारियों के साथ ज्यादा काम करने की रणनीति अपना रही हैं, जिससे कई लोगों की नौकरियां खतरे में आ रही हैं।
योजना
ओरेकल की बड़ी योजना
ओरेकल इस समय सबसे बड़े स्तर पर छंटनी की योजना बना रही है, जिसमें 20,000 से 30,000 नौकरियों पर असर पड़ सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में भी करीब 12,000 कर्मचारी प्रभावित हो सकते हैं। यह कटौती कंपनी के अलग-अलग विभागों में की जा रही है। हालांकि, कर्मचारियों को सेवरेंस पैकेज और अन्य फायदे दिए जा रहे हैं, लेकिन इतने बड़े स्तर पर नौकरी जाने से चिंता बढ़ गई है और बाजार पर असर पड़ सकता है।
आशंका
भविष्य में और बढ़ सकती है छंटनी की रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में छंटनी की यह लहर और तेज हो सकती है। कंपनियां तेजी से बदलती तकनीक और आर्थिक हालात के अनुसार खुद को ढाल रही हैं। ऐसे में हायरिंग कम और ऑटोमेशन ज्यादा होने की संभावना है। यह बदलाव लंबे समय में इंडस्ट्री के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है और कर्मचारियों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है, जिससे नौकरी की स्थिरता कम हो सकती है।