लोकसभा में कर संशोधन विधेयक हुआ पास, UPI नियमों में क्या हुआ बदलाव?
क्या है खबर?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से कराधान और अन्य कानून (संसोधन) बिल, 2026 को लोकसभा ने 6 अगस्त को पास हो गया है। इस बिल के जरिए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 में बदलाव किया गया है। नए प्रावधान के तहत सरकार को जरूरत पड़ने पर UPI और दूसरे अधिसूचित डिजिटल भुगतान माध्यमों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का अधिकार मिलेगा। UPI भुगतान पर फिलहाल कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।
नियम
UPI को लेकर क्या बदला नियम?
अब तक कानून के तहत बैंक और पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर UPI और रुपे डेबिट कार्ड से किए गए भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) नहीं लगा सकते थे।
नए बिल में इस रोक को हटाने का प्रावधान किया गया है। इससे सरकार को भविष्य में जरूरत पड़ने पर कुछ UPI लेनदेन पर MDR लागू करने का कानूनी अधिकार मिल जाएगा।
हालांकि, अभी किसी तरह का नया शुल्क लागू नहीं किया गया है।
शुल्क
सरकार तय करेगी किन लेनदेन पर लगेगा शुल्क
नए नियम के तहत केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर यह तय कर सकेगी कि कौन-से UPI या दूसरे डिजिटल भुगतान पूरी तरह मुफ्त रहेंगे और किन पर शुल्क लगाया जा सकता है।
इससे यह भी साफ है की सभी UPI भुगतान पर अपने आप कोई चार्ज नहीं लगेगा।
सरकार जरूरत और परिस्थितियों के अनुसार बाद में फैसला ले सकेगी। फिलहाल आम UPI यूजर्स के लिए भुगतान की मौजूदा व्यवस्था पहले जैसी ही बनी रहेगी।
अन्य
अभी UPI यूजर्स को क्या करना होगा?
UPI इस्तेमाल करने वाले लोगों को अभी कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा और पहले की तरह डिजिटल भुगतान जारी रहेगा।
सरकार ने केवल भविष्य में जरूरत पड़ने पर नियम बदलने का कानूनी अधिकार अपने पास रखा है।
अगर आगे चलकर UPI पर किसी तरह का MDR या दूसरा शुल्क लागू करने का फैसला लिया जाता है, तो उसकी अलग से आधिकारिक अधिसूचना जारी की जाएगी और उसके बाद ही नए नियम प्रभावी होंगे।