टाटा ट्रस्ट्स के इस कदम से टाटा संस को नहीं लाना पड़ेगा IPO
टाटा ट्रस्ट्स अपनी 2 ग्रुप कंपनियों टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम्स सॉल्यूशंस (TESS) और टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (TCE) का सीधे टाटा संस में विलय करने की तैयारी में है।
इसका मुख्य मकसद टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्टिंग कराए बिना व्यापारिक रूप से और ज्यादा मजबूत बनाना है। अभी इस कदम को टाटा संस के बोर्ड और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से मंजूरी मिलनी बाकी है।
संचालन आय 1.05 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान
अगर, यह योजना परवान चढ़ती है तो 31 मार्च तक टाटा संस की संचालन आय 1.05 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। यह आय में एक बड़ी बढ़ोतरी होगी और कंपनी को केवल एक निवेश कंपनी के रूप में वर्गीकृत होने से भी बचाएगी क्योंकि ऐसी कंपनियों पर खास नियम लागू होते हैं।
टाटा ट्रस्ट्स के पास पहले से ही टाटा संस की 66 फीसदी हिस्सेदारी है। यह कदम उसके नियंत्रण को अपने पास रखने में भी मदद करेगा और कंपनी के शेयर बाजार में लिस्ट न होने की योजना को भी बढ़ावा देगा।