AI से काम तेज होने पर अधिकारी सहमत, लेकिन भरोसे में कमी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से काम तेजी से और बेहतर तरीके से हो रहा है, इस बात से 84 फीसदी व्यापार के दिग्गज (बिजनेस लीडर) सहमत हैं, लेकिन एक नई वैश्विक रिपोर्ट चौंकाती है।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के एक सर्वे के अनुसार, हर 10 में से केवल एक दिग्गज ही AI पर इतना भरोसा करता है कि उसे खुद से चीजें चलाने दे।
ज्यादातर अधिकारी अब भी सुरक्षा और इस बात को लेकर फिक्रमंद हैं कि असली नियंत्रण किसके हाथ में रहेगा। यही वजह है कि वे अभी AI को पूरी तरह बागडोर सौंपने के लिए तैयार नहीं हैं।
डाटा प्राइवेसी और नियमों का पालन करना बड़ी चिंता
केवल 10 फीसदी बिजनेस लीडर ही AI को बिना इंसानी निगरानी के मुश्किल काम संभालने देने में भरोसा रखते हैं। TCS के मुख्य AI और सर्विसेज ट्रांसफॉर्मेशन अधिकारी अमित कपूर ने कहा कि अगर, कंपनियां जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना चाहती हैं तो मजबूत सुरक्षा उपाय बनाना बेहद जरूरी है।
इसके अलावा, लगभग सभी चाहते हैं कि उनके AI सिस्टम इतने लचीले हों कि वे किसी एक प्रोवाइडर से बंधकर न रहें।
हालांकि, हैरानी की बात है कि जरूरत पड़ने पर वेंडर बदलने की कोई ठोस योजना बहुत कम कंपनियों के पास है। डाटा प्राइवेसी और नियमों का पालन करना अब भी एक बड़ी चिंता बनी हुई है, खासकर यूरोप में।