AI की बढ़ती मांग के कारण ताइवान की अर्थव्यवस्था में 12.9 फीसदी की छलांग
ताइवान की अर्थव्यवस्था ने 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) में 12.9 फीसदी की जबरदस्त बढ़त दर्ज की है। इस उछाल की मुख्य वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की बढ़ती मांग है।
पिछली तिमाही के मुकाबले यह बढ़त थोड़ी कम रही है, लेकिन फिर भी इसने जानकारों के अनुमानों को मात दे दी। देश का निर्यात 21 फीसदी से भी ज्यादा बढ़ा और आयात में भी उछाल देखने को मिला। यह साफ दिखाता है कि दुनियाभर की तकनीक ताइवान के हाई-टेक पुर्जों पर कितनी निर्भर है।
ताइवानी कंपनियां AI हार्डवेयर बनाने में सबसे आगे
ताइवान की प्रमुख चिप निर्माता कंपनियां- ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) और फॉक्सकॉन AI को चलाने वाले हार्डवेयर बनाने में सबसे आगे हैं।
इन्हीं की वजह से AI हार्डवेयर की मांग में इतना बड़ा उछाल आया है। लंदन स्थित कैपिटल इकोनॉमिक्स के वरिष्ठ एशिया अर्थशास्त्री गैरेथ लेदर ने ताइवान के चिप सेक्टर में बड़े निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया है।
उन्होंने अनुमान लगाया है कि इस साल कुल बढ़त 14 फीसदी तक पहुंच सकती है। जाहिर है कि ताइवान अपनी जगह एक वैश्विक तकनीकी अगुआ के तौर पर बनाए हुए है और बाजार की बदलती जरूरतों के हिसाब से खुद को तेजी से ढाल रहा है।