सिस्टेमैटिक्स ने दी महंगाई 7 फीसदी होने पर ब्याज दर 1.5 फीसदी तक बढ़ने की चेतावनी
सिस्टेमैटिक्स इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक नई रिपोर्ट में बताया गया है कि आने वाली कुछ तिमाहियों में भारत में महंगाई 6 से 7 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
अगर, ऐसा हुआ तो भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों को 1.5 प्रतिशत तक बढ़ा सकता है। फर्म का यह भी कहना है कि RBI इस बात को कम आंक रहा है कि बढ़ती लागत और कीमतों का दबाव महंगाई को और ऊपर ले जा सकता है।
GDP और महंगाई के अनुमान बदले
रिपोर्ट में RBI के एक घरेलू सर्वेक्षण का जिक्र किया गया है। इसमें पता चला है कि सितंबर तक लोग महंगाई को 9.1 फीसदी पर पहुंचने की उम्मीद कर रहे हैं, जो अभी के आंकड़ों से कहीं ज्यादा है।
इसके साथ ही बैंक के महंगाई डिफ्यूजन इंडेक्स से भी पता चलता है कि लगभग सभी तरह की चीजों के दाम बढ़ रहे हैं। इन्हीं सब बातों को देखते हुए RBI ने अपने अनुमानों में बदलाव किया है।
अब वह वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 7.1 फीसदी और महंगाई 6 फीसदी तक रहने का अनुमान लगा रहा है।
ब्याज दर बढ़ने के ये होंगे असर
अगर, ब्याज दरें बढ़ती हैं तो इसका असर लोन, बचत पर मिलने वाले रिटर्न और नौकरी के अवसरों पर भी दिख सकता है क्योंकि बाजार खुद को उसके हिसाब से ढालेंगे।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें मैन्युफैक्चरर्स के लिए मुश्किलें बढ़ा रही हैं। ऐसे में अगर, आने वाले समय में रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ते रहें तो इसमें कोई हैरानी नहीं होनी चाहिए।