स्विस घड़ियां बिक्री में गिरावट के बावजूद कर रहीं बंपर कमाई
स्विस घड़ी बनाने वाली कंपनियां अब लग्जरी घड़ियों पर ज्यादा ध्यान दे रही हैं क्योंकि पिछले 10 सालों में उनके कुल निर्यात की मात्रा आधी हो गई है।
इसके बावजूद अगस्त तक स्विस घड़ियों के निर्यात की कीमत में 9.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह बताता है कि महंगी घड़ियां आज भी अमीर खरीदारों के बीच बहुत पसंद की जाती हैं।
रोलेक्स इनमें सबसे आगे है। पिछले साल इसने 11 अरब स्विस फ्रैंक (करीब 1,200 अरब रुपये) से ज्यादा कमाए और लगभग 12 लाख घड़ियां बेचीं।
2025 में 50,000 स्विस फ्रैंक (करीब 55 लाख रुपये) से ज्यादा कीमत वाली घड़ियों का स्विस घड़ी निर्यात के कुल मूल्य में 37 फीसदी हिस्सा था।
स्वाच के शेयरों में गिरावट
जहां कार्टियर और ओमेगा जैसे ब्रांड लग्जरी बाजार में अच्छा कर रहे हैं, वहीं स्वाच मुश्किलों में है। 2023 की शुरुआत से इसके शेयर की कीमत 40 फीसदी से ज्यादा गिर गई है और इसके मुनाफे में भी करीब 90 फीसदी की कमी आई है।
दूसरी तरफ, नॉरकेन जैसे नए ब्रांड खास सामग्री और लिमिटेड एडिशन घड़ियों का इस्तेमाल करके अमीर ग्राहकों को अपनी तरफ खींच रहे हैं।
साफ है कि यह पूरा उद्योग बदलती पसंद के हिसाब से खुद को बेहतर बना रहा है और महंगी चीजें बनाने की ओर बढ़ रहा है।