स्विगी की बोर्ड बैठक में CEO का अहम प्रस्ताव हुआ खारिज
स्विगी अपने आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में बदलाव करना चाहती थी। इसके तहत मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) बोर्ड में कंपनी के 2 शीर्ष प्रबंधकों को शामिल करने के लिए नामित कर सकता था।
ये प्रबंधक कंपनी के सह संस्थापक फणी किशन अड्डपल्ली और मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) राहुल बोथरा हैं।
हालांकि, 72.36 फीसदी शेयरधारकों ने इस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, लेकिन यह आवश्यक 75 फीसदी की सीमा से कम रहा। यही वजह है कि यह बदलाव लागू नहीं हो सका।
बदलाव का मकसद IOCC पात्रता पाना
कंपनी ने साफ किया कि इस कदम का मकसद बेहतर निगरानी करना और नेतृत्व में स्थिरता बनाए रखना था। इसका उद्देश्य संस्थापकों को ज्यादा अधिकार देना नहीं था।
कंपनी ने यह भी भरोसा दिलाया कि सभी नामांकन कमेटी की समीक्षा, बोर्ड की मंजूरी और शेयरधारकों की सहमति के बाद ही पूरे होंगे। उसका यह प्रस्ताव स्विगी को इंडियन-ओन्ड एंड कंट्रोल्ड कंपनी (IOCC) बनाने की कवायद का हिस्सा था।
IOCC बनने के लिए 50 फीसदी से अधिक रेजिडेंट भारतीय शेयरधारिता के साथ-साथ कुछ अतिरिक्त रेगुलेटरी चेक्स की भी जरूरत होती है।