सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया ऑनलाइन गेमिंग पर 28 फीसदी GST, बढ़ेगी कंपनियों की मुश्किल
क्या है खबर?
सुप्रीम कोर्ट ने आज (27 मई) ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सरकार के 28 फीसदी GST लगाने के फैसले को सही ठहराया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि पुराने लेनदेन पर टैक्स की मांग भी वैध है। इस फैसले से देश की कई गेमिंग कंपनियों पर सीधा असर पड़ेगा। सरकार पहले ही इस सेक्टर से करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये की टैक्स मांग कर चुकी है, जिससे कंपनियों की चिंता बढ़ गई है।
टैक्स
पुराने लेनदेन पर भी टैक्स देना होगा
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां पुराने लेनदेन पर टैक्स से राहत नहीं मांग सकती हैं। अदालत के इस फैसले के बाद अक्टूबर, 2023 से पहले के मामलों पर भी टैक्स वसूली का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने पहले 18 फीसदी GST लगाया था, जिसे बाद में बढ़ाकर 28 फीसदी किया गया। अब कई कंपनियों को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त टैक्स देना पड़ सकता है, जिससे उन पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।
फैसला
पूरी लगाई गई रकम पर लगेगा टैक्स
आज कोर्ट ने कहा कि ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म सिर्फ सुविधा देने वाले नहीं हैं। इसलिए खिलाड़ियों की तरफ से लगाई गई पूरी रकम पर GST लगाया जा सकता है। यानी टैक्स सिर्फ कमाई पर नहीं, बल्कि पूरे दांव की रकम पर लगेगा। सरकार का मानना है कि इससे टैक्स नियम साफ होंगे। हालांकि, कंपनियों का कहना है कि इतनी बड़ी देनदारी उनके लिए मुश्किल बढ़ा सकती है और कारोबार पर असर डाल सकती है।
टिप्पणी
स्किल गेम्स पर भी कोर्ट की अहम टिप्पणी
सुनवाई के दौरान स्किल वाले गेम्स को लेकर भी चर्चा हुई। कोर्ट ने कहा कि जब किसी खेल में पैसे लगाए जाते हैं और नतीजा तय नहीं होता, तो टैक्स के लिहाज से उसे बेटिंग या जुए की तरह माना जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले के बाद कई कंपनियां अपनी कारोबारी योजना बदल सकती हैं। आने वाले दिनों में ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में नियम और सख्त हो सकते हैं।