सरकार कर रही बिना शुल्क के चीनी आयात करने पर विचार
भारत लगभग 10 सालों में पहली बार बिना किसी आयात शुल्क के चीनी आयात करने पर विचार कर रहा है। दरअसल, अगस्त की शुरुआत से महाराष्ट्र के कोल्हापुर जैसे बाजारों में चीनी की कीमतें करीब 20 फीसदी बढ़ गई हैं और अब यह 5,350 रुपये प्रति 100 किलोग्राम तक पहुंच गई है।
दिवाली और गणेश चतुर्थी जैसे बड़े त्योहारों के मद्देनजर सरकार की कोशिश है कि चीनी की कोई कमी न हो और इसकी कीमतें नियंत्रण में रहें।
तय की जा सकती है भंडारण की सीमा
सरकार के पास कुछ अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। इनमें अक्टूबर के अंत तक मिलों को करीब 10 लाख मीट्रिक टन चीनी शुल्क-मुक्त आयात करने की अनुमति देना शामिल है।
साथ ही, थोक व्यापारियों के लिए भंडारण की सीमा तय की जा सकती है और चीनी मिलों को बिक्री के लिए दी जाने वाली चीनी की मात्रा में भी बदलाव किया जा सकता है।
इसके अलावा, रिफाइनरियों से सीधे स्थानीय बाजारों में चीनी भेजने और इथेनॉल के लिए गन्ने के उपयोग को कम करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसका मकसद त्योहारों के इस मौसम में चीनी की आपूर्ति में कमी न आने देना है।