सुभाष चंद्रा ने NCLT के संपत्ति बेचने पर लगाई रोक के आदेश को दी चुनौती
जी समूह के संस्थापक सुभाष चंद्रा ने अपनी व्यक्तिगत दिवालियापन के मामले में संपत्ति ट्रांसफर करने से रोकने वाले राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) के आदेश को चुनौती दी है।
यह विवाद तब शुरू हुआ, जब इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस ने बकाया रकम का भुगतान न करने पर उन्हें अदालत में घसीटा।
इसके जवाब में चंद्रा ने 6.25 करोड़ रुपये चुकाने की पेशकश की थी, साथ ही लागत के लिए 25 लाख रुपये भी देने को कहा था।
हालांकि, यह रकम उस 22,006.57 करोड़ रुपये के दावे का एक छोटा-सा हिस्सा भर थी, जिसकी मांग की गई थी।
5 सदस्यीय बेंच ने लगाई रोक
मामला तब और पेचीदा हो गया, जब NCLT के न्यायाधीश उनके दिए गए प्लान पर एकमत नहीं हो पाए। इससे मिले-जुले फैसले आए और आखिरकार एक 5 सदस्यीय बेंच ने चंद्रा को उनकी कोई भी संपत्ति बेचने से रोक दिया। बेंच ने उस आदेश पर भी रोक लगा दी थी, जिसमें उनके पुनर्भुगतान प्रस्ताव को सही ठहराया गया था। अब चंद्रा की इस अपील पर NCLAT में 29 सितंबर को सुनवाई होनी है। उन्हें अपनी याचिका की कॉपियां लेनदारों को देनी होंगी और जरूरी पक्षों को इसमें शामिल करने के लिए कदम उठाने होंगे।