AI आने के बाद से ज्यादातर अधिकारियों को नहीं दिखा कोई खास असर
एक नए अध्ययन से पता चला है कि 90 फीसदी से ज्यादा कंपनी के बड़े अधिकारियों ने पिछले 3 सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वजह से अपनी नौकरियों में कोई बदलाव नहीं देखा है।
साथ ही, 89 फीसदी अधिकारियों का यह भी कहना है कि इससे उनके काम की उत्पादकता में भी कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। यानि, AI को लेकर जितनी भी चर्चाएं हैं और जितना पैसा इस पर लगाया जा रहा है, उसके बावजूद ज्यादातर अधिकारी अभी तक कोई ठोस नतीजे देख नहीं पाए हैं।
छंटनी के लिए AI का बहाना पड़ सकता है उलटा
कुछ कंपनियां नौकरियों में कटौती के लिए AI को एक बहाने की तरह इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन यह कदम उनके लिए उलटा पड़ सकता है।
प्रोफेसर मार्क मा बताते हैं कि ऐसी छंटनियों से टीम का मनोबल गिरता है और काम को बेहतर तरीके से पूरा करने के लिए मनोबल बहुत जरूरी होता है।
उनकी रिसर्च में पाया गया कि जब कर्मचारियों को AI को लेकर घबराहट महसूस होती है तो कुल मिलाकर उत्पादकता कम हो जाती है और काम में तेजी लाने के जो भी फायदे हो सकते थे, वे खत्म हो जाते हैं।
उनका कहना है कि बड़े अधिकारियों को नई तकनीक पर दोष मढ़ने के बजाय अपनी टीमों का साथ देने पर ध्यान देना चाहिए।