शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों के 2 लाख करोड़ डूबे, क्या है मंदी की वजह?
क्या है खबर?
भारतीय शेयर बाजार में आज बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। दोपहर करीब 12:00 बजे सेंसेक्स 500 अंक लुढ़ककर 77,679 के आसपास कारोबार कर रहा था, वहीं निफ्टी 50 करीब 150 अंक टूटकर 24,248 पर पहुंच गया। इस गिरावट से BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण कुछ ही देर में करीब 2 लाख करोड़ रुपये घट गया। शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, ऑटो, FMCG और ऑयल एंड गैस शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।
तनाव
अमेरिका-ईरान तनाव बना बड़ी वजह
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच हालिया घटनाक्रम से पश्चिम एशिया में अनिश्चितता बढ़ी है, जिसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर दिखाई दे रहा है। निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए बिकवाली शुरू कर दी। बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक निवेशकों का भरोसा भी कमजोर हुआ है, जिससे भारतीय बाजार पर दबाव और बढ़ गया।
कच्चा तेल
महंगा कच्चा तेल भी बढ़ा रहा चिंता
कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी भी बाजार पर भारी पड़ रही है। ब्रेंट क्रूड करीब 76 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। इससे भारत का आयात बिल बढ़ने, महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत बढ़ने की आशंका है। इसी कारण ऑटो, पेंट, एयरलाइन और तेल विपणन कंपनियों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। हालांकि, कच्चा तेल निकालने वाली कुछ कंपनियों के शेयरों में हल्की बढ़त दर्ज की गई।
अन्य
इन कारणों से भी बाजार पर बढ़ा दबाव
बाजार में कमजोर तिमाही नतीजों की आशंका, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और बढ़ते जोखिम के कारण भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की। इसका असर लगभग सभी प्रमुख सेक्टरों पर दिखाई दिया और 16 में से 13 सेक्टर गिरावट के साथ कारोबार करते रहे। हालांकि, दवा और हेल्थकेयर जैसे कुछ रक्षात्मक क्षेत्रों में हल्की खरीदारी देखने को मिली। फिलहाल निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है।