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शेयर बाजार में आज भारी गिरावट, क्यों 1,000 अंक टूट गया सेंसेक्स?
शेयर बाजार में आज भारी गिरावट

शेयर बाजार में आज भारी गिरावट, क्यों 1,000 अंक टूट गया सेंसेक्स?

Feb 24, 2026
12:47 pm

क्या है खबर?

भारतीय शेयर बाजार में आज भारी गिरावट देखने को मिल रही है। बाजार खुलने के कुछ ही देर बाद गिरावट का सिलसिला तेज हो गया और दोपहर 12:00 बजे के आसपास सेंसेक्स करीब 1000 अंक लुढ़क गया। आज दोपहर 12:30 बजे सेंसेक्स 1,001 अंक गिरकर 82,293 पर कारोबार कर रहा था, वहीं निफ्टी 50 करीब 282 अंक टूटकर 25,430 के स्तर पर पहुंच गया। बिकवाली लगभग सभी सेक्टर में दिखी और निवेशकों में घबराहट साफ नजर आई।

नुकसान

निवेशकों के 4 लाख करोड़ रुपये डूबे

शेयर बाजार में इस तेज गिरावट से निवेशकों को भारी और त्वरित नुकसान उठाना पड़ा है। BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर करीब 465 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले सत्र में लगभग 469 लाख करोड़ रुपये था। यानी कुछ ही घंटों के भीतर निवेशकों की संपत्ति में 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी दर्ज की गई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी लगभग 1 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज हुई।

वैश्विक अनिश्चितता

टैरिफ तनाव और वैश्विक अनिश्चितता

बाजार में कमजोरी की एक बड़ी वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ता व्यापार तनाव और अनिश्चितता है। अमेरिका में टैरिफ से जुड़ी सख्त नीतियों और संभावित नए आयात शुल्क की चर्चा ने निवेशकों को सतर्क और चिंतित कर दिया है। आशंका है कि आयात शुल्क बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ेगा। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ सकती है और उसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर दिखाई दे रहा है।

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IT शेयर

IT शेयरों में दबाव और तेल की कीमतें

IT सेक्टर में लगातार और तेज बिकवाली से बाजार का माहौल और अधिक कमजोर हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के प्रभाव, वैश्विक मांग में कमी और ऑर्डर घटने की चिंताओं के कारण इस सेक्टर में गिरावट गहरी रही। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतें भी बढ़कर छह महीने के ऊंचे स्तर के करीब पहुंच गई हैं। भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए महंगा तेल महंगाई, चालू खाते और आर्थिक स्थिरता पर दबाव बढ़ा सकता है।

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तनाव

मजबूत डॉलर और भू-राजनीतिक तनाव

डॉलर की मजबूती भी उभरते बाजारों के लिए एक बड़ी चिंता का कारण बनी हुई है। मजबूत डॉलर से विदेशी निवेश के बाहर जाने और रुपये पर दबाव बढ़ने का खतरा रहता है। इसके साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव तथा संभावित सैन्य टकराव की आशंका भी वैश्विक बाजारों में अस्थिरता पैदा कर रही है। इन सभी कारणों से निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं और बाजार में लगातार दबाव बना हुआ है।

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