कोस्पी बना AI और चिप शेयरों के प्रति रुझान का वैश्विक पैमाना
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स अब दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चिप शेयरों की चाल को समझने के लिए एक अहम संकेत बन गया है।
सैमसंग और SK हाईनिक्स जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों के चलते यह 4,000 अरब डॉलर (करीब 3.8 लाख अरब रुपये) का बाजार अमेरिका के नैस्डैक-100 के साथ और भी मजबूती से जुड़ गया है।
दोनों इंडेक्स के उतार-चढ़ाव में पिछले 2 सालों में इतनी समानता देखी गई है, जितनी पहले कभी नहीं थी। अगर, आपको यह जानना है कि AI शेयरों की क्या दिशा होगी तो कोस्पी पर नजर रखना बहुत काम आएगा।
नए सिंगल-स्टॉक लेवरेज्ड ETPs की लिस्टिंग रोकी
लंदन और टोक्यो जैसे बड़े वित्तीय केंद्रों के निवेशक AI और सेमीकंडक्टर से जुड़े जोखिमों को पहले से समझने के लिए कोस्पी के रुझानों पर बारीकी से नजर रख रहे हैं।
हाल ही में इस इंडेक्स में 9 फीसदी की गिरावट आई थी, जिसने अमेरिकी चिप शेयरों में भी हलचल पैदा कर दी। यह दिखाता है कि कोस्पी का वैश्विक बाजारों पर कितना गहरा असर है।
हाल के उतार-चढ़ाव के बावजूद, कोस्पी इस साल 62 फीसदी ऊपर चढ़ा है, जिससे दक्षिण कोरिया वैश्विक टेक सेक्टर में एक मजबूत दावेदार बन गया है।
इतनी तेजी से हुए उतार-चढ़ाव को देखते हुए कोरिया के नियामकों ने माहौल को शांत करने के लिए नए सिंगल-स्टॉक लेवरेज्ड ETPs की लिस्टिंग पर रोक लगा दी है।