एशियाई कंपनियां अमेरिका में क्यों लगा रहीं अरबों डॉलर का दांव?
दक्षिण कोरिया, ताइवान और जापान की कंपनियां अमेरिका में जमकर निवेश कर रही हैं क्योंकि दुनियाभर में सप्लाई चेन बदल रही हैं, इसलिए इन देशों को अमेरिका में कारोबार बढ़ाने का एक बड़ा मौका दिख रहा है।
सिटी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार के प्रमुख अर्नेस्टो टॉरेस केंटू बताते हैं कि उनके पास अमेरिका में काफी निवेश करने की क्षमता है। उनका मानना है कि यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। नतीजा ये है कि उत्तरी अमेरिका में बाहर से आने वाला कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। इसमें दोहरे अंक की वृद्धि देखी जा रही है।
सिटी और जेपी मॉर्गन दे रहे हैं अमेरिकी प्रोजेक्ट्स को सहारा
सिटी और जेपी मॉर्गन, जापान की अमेरिका में 550 अरब डॉलर (करीब 52,000 अरब रुपये) की निवेश योजना से जुड़े प्रोजेक्ट्स में पैसा लगा रहे हैं। दूसरी तरफ, हाल ही में व्हाइट हाउस ने दक्षिण कोरिया के 350 अरब डॉलर (करीब 33,000 अरब रुपये) के खास निवेश पैकेज के पहले चरण का ऐलान किया था।
ये निवेश अक्सर धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं। पहले जमीन खरीदी जाती है, फिर कामकाज शुरू होता है। ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद इन निवेशों से कंपनियों को मजबूत बने रहने में काफी मदद मिल रही है। इन सारे कामकाज से बैंकिंग सेवाओं की मांग भी बढ़ गई है।
पिछली तिमाही में सिटी बैंक के सर्विस राजस्व में 15 फीसदी का उछाल आया है। इसकी वजह यह है कि ज्यादा से ज्यादा कंपनियों को अब पैसे भेजने और व्यापार से जुड़े काम निपटाने के लिए बैंकिंग सेवाओं की जरूरत पड़ रही है।