सॉफ्टबैंक की AI फंडिंग योजनाओं की कमाई के आंकड़ों के समय होगी असल परीक्षा
सॉफ्टबैंक ग्रुप अपनी ताजा कमाई के आंकड़े पेश करने वाला है, लेकिन इस वक्त कंपनी थोड़ी मुश्किल में दिख रही है।
भले ही वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को रिकॉर्ड मुनाफा हुआ हो, फिर भी निवेशक चिंता में हैं। जून की शुरुआत से ही कंपनी के शेयरों की कीमत करीब आधी हो चुकी है और कर्ज चुकाने में डिफॉल्ट होने की आशंका से जुड़े बीमा की लागत भी काफी बढ़ गई है।
असल में, 2026 के दूसरे 6 महीनों में सॉफ्टबैंक को 30 अरब डॉलर (करीब 2,800 अरब रुपये) चुकाने हैं। कंपनी बड़े-बड़े कर्जों पर काफी निर्भर करती है, इसमें आर्म में उसकी हिस्सेदारी से जुड़ा एक बड़ा कर्ज भी शामिल है। यही वजह है कि हर कोई इस पर करीबी नजर रखे हुए है।
OpenAI में करेगी करीब 5,600 अरब रुपये का निवेश
कंपनी के मुखिया मासायोशी सोन ने OpenAI और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में 60 अरब डॉलर (करीब 5,600 अरब रुपये) से ज्यादा का भारी-भरकम निवेश करने का वादा किया है। हालांकि, अब निजी कंपनियों के भरोसे कर्ज देने को लेकर बैंक और दूसरे कर्ज देने वाले संस्थान काफी अहतियात बरत रहे हैं।
इसके बावजूद, रेटिंग एजेंसी S&P ने जुलाई में सॉफ्टबैंक के क्रेडिट आउटलुक को 'स्थिर' रेटिंग दी है। जानकारों का मानना है कि अब बहुत कुछ इस बात पर टिका है कि OpenAI और ज्यादा पैसा जुटा पाती है या सार्वजनिक होकर शेयर बाजार में लिस्ट होती है। अगर, ऐसा नहीं होता है तो AI के इस अनिश्चित बाजार में सॉफ्टबैंक की माली हालत डगमगा सकती है।