2030 तक चिप्स की होगी भारी किल्लत, SK हाईनिक्स ने की यह तैयारी
मेमोरी चिप्स के बड़े निर्माताओं में से एक SK हाईनिक्स ने इंडियानापोलिस के वेस्ट लाफायेट में अपने एडवांस्ड पैकेजिंग प्लांट के उद्घाटन समारोह के बाद अहम बातें बताईं।
कंपनी ने संकेत दिया कि वह अमेरिका में सेमीकंडक्टर सेक्टर में और निवेश कर सकती है। हालांकि, अभी इस बारे में कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) क्वाक नो-जून ने साथ ही यह भी चेतावनी दी कि दुनिया को 2030 तक मेमोरी चिप की भारी कमी झेलनी पड़ सकती है। इसका मतलब है कि अगले कई सालों तक तकनीक से जुड़ी चुनौतियां कम नहीं होंगी।
HBM4 विकसित कर रही कंपनी
क्वाक ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ज्यादा स्मार्ट और कस्टमाइज्ड चिप्स की मांग को तेजी से बढ़ा रहा है। AI इस उद्योग में आने वाले उतार-चढ़ाव को संतुलित करने में भी खास भूमिका निभा रहा है।
इस बदलते ट्रेंड के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने के लिए SK हाईनिक्स HBM4 जैसी नई तकनीक पर काम कर रहा है। यह तकनीक लॉजिक और मेमोरी को एक साथ जोड़ती है।
इसके अलावा, कंपनी ने अपनी रणनीति के हिसाब से स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने के लिए AI कंपनी को एक इन्वेस्टमेंट व्हीकल के तौर पर भी शुरू किया है।
किओक्सिया में सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बनी SK हाईनिक्स
अमेरिका में अपनी इन योजनाओं के अलावा, SK हाईनिक्स अपनी NAND सब्सिडियरी सॉलिडिम के लिए भी यहां आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (IPO) लॉन्च करने पर सोच-विचार कर रही है।
इसके साथ ही, जापान की टेक कंपनी किओक्सिया में तोशिबा ने अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है, जिसके बाद SK हाईनिक्स अब उसमें सबसे बड़ा शेयरहोल्डर बन गया है।
यह साफ बताता है कि कंपनी वैश्विक बाजार में अपने पैर पसारने को लेकर कितनी गंभीर है।