AI की बढ़ती मांग के कारण 2027 तक रहेगी दुनिया में चिप्स की किल्लत- SK हाईनिक्स
SK हाईनिक्स ने चेतावनी दी है कि 2027 तक दुनियाभर में मेमोरी चिप्स की भारी कमी हो सकती है। इस कमी की सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का तेजी से फैलना बताया जा रहा है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) क्वाक नोह-जुंग ने साफ किया कि चिप बनाने वाले कारखाने इस बढ़ती मांग को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि यह किल्लत 2030 के बाद तक भी बनी रह सकती है।
मांग पूरी करने के लिए विस्तार की योजना
इस किल्लत की जड़ में हाई-बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) है, जो एनवीडिया जैसे कंपनियों के AI चिप्स को पावर देती है। इस चुनौती का सामना करने के लिए SK हाईनिक्स ने अमेरिका, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी पहुंच बढ़ाने का प्लान बनाया है।
इतना ही नहीं, कंपनी और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स दोनों मिलकर दक्षिण कोरिया के 266 अरब डॉलर (करीब 25,000 अरब रुपये) के सेमीकंडक्टर अभियान में शामिल हो रहे हैं।
कंपनी AI की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एडवांस्ड चिप पैकेजिंग में भी अरबों का निवेश कर रही है, जिससे यह साफ होता है कि यह तकनीकी बदलाव कितना बड़ा होने वाला है।