रेपो रेट बढ़ने के बाद रुपये को लगा झटका, 96.60 के स्तर पर लुढ़का
भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.60 के स्तर पर पहुंच गया है। ऐसा तब हुआ, जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने फरवरी, 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ाईं।
महंगाई पर लगाम कसने के लिए RBI ने अब ज्यादा सतर्क रुख अपना लिया है। इस कदम से संकेत मिलता है कि आने वाले समय में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि बैंक बढ़ती कीमतों को काबू में रखने की कोशिश कर रहा है।
स्थिति संभालने के लिए बेचे डॉलर
वैश्विक तनाव और लोगों का अपने पैसे को अमेरिकी डॉलर में लगाने की वजह से बीते 6 महीनों में रुपये में 4 फीसदी से भी ज्यादा की गिरावट आ चुकी है।
जब रुपया 96.45 के स्तर के आस-पास और ज्यादा कमजोर होने लगा, तब RBI ने हालात को संभालने के लिए अमेरिकी डॉलर बेचे। जानकारों का कहना है कि रुपये के लिए 96.70 पर रेजिस्टेंस और 96.10 पर सपोर्ट बना हुआ है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि RBI भले ही अभी सावधानी बरत रहा है, लेकिन उसने भविष्य में जरूरत पड़ने पर अपनी नीतियों में बदलाव करने की गुंजाइश भी रखी है। 2018 में भी कुछ ऐसा ही हुआ था, जब बैंक ने अपना रुख बदल लिया था।