शांतनु नारायण छोड़ेंगे एडोब CEO पद, क्या रहा है कंपनी में उनका बड़ा योगदान?
क्या है खबर?
डिजाइन सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी एडोब के लंबे समय से CEO रहे शांतनु नारायण अब अपना पद छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। कंपनी ने 12 मार्च को इसकी घोषणा की है। शांतनु करीब 18 साल तक CEO रहे और इस दौरान उन्होंने कंपनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। एडोब ने बताया कि जब तक नया CEO नहीं चुना जाता, तब तक वह अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे। बाद में वह कंपनी के बोर्ड चेयर के रूप में जुड़े रहेंगे।
परिचय
हैदराबाद से सिलिकॉन वैली तक का सफर
शांतनु का जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ और उन्होंने उस्मानिया यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके बाद वह 1986 में अमेरिका गए और कंप्यूटर साइंस तथा बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री हासिल की। एडोब में शामिल होने से पहले उन्होंने ऐपल और सिलिकॉन ग्राफिक्स जैसी कंपनियों में काम किया। साल 2007 में वह एडोब के CEO बने और उनके नेतृत्व में कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी क्रिएटिव सॉफ्टवेयर कंपनियों में शामिल हो गई।
तलाश
नए CEO की तलाश शुरू
एडोब ने कहा है कि नए CEO को चुनने के लिए एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी कंपनी के अंदर और बाहर दोनों जगह से संभावित उम्मीदवारों पर विचार करेगी। कंपनी के लीड इंडिपेंडेंट डायरेक्टर फ्रैंक काल्डेरोनी इस पूरी प्रक्रिया की अगुवाई करेंगे। शांतनु ने कर्मचारियों को भेजे संदेश में कहा कि वह बोर्ड के साथ मिलकर अपने उत्तराधिकारी की पहचान करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि नेतृत्व में बदलाव आसानी से और बिना किसी परेशानी के हो सके।
योगदान
कंपनी की ग्रोथ में अहम योगदान
शांतनु के नेतृत्व में एडोब ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जब उन्होंने कंपनी की कमान संभाली तब कंपनी का रेवेन्यू 90 अरब रुपये था जो अब बढ़कर 25 अरब डॉलर (करीब 2,300 अरब रुपये) से ज्यादा हो चुका है। इसी दौरान कर्मचारियों की संख्या भी करीब 3,000 से बढ़कर 30,000 से ज्यादा हो गई। सबसे बड़ा बदलाव यह रहा कि वह एडोब को पारंपरिक सॉफ्टवेयर लाइसेंस मॉडल से क्लाउड बेस्ड सब्सक्रिप्शन मॉडल की ओर ले गए।
AI
AI दौर के लिए कंपनी को तैयार किया
पिछले कुछ सालों में शांतनु ने एडोब को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर के लिए भी तैयार किया। कंपनी ने फोटोशॉप, इलस्ट्रेटर, एक्रोबैट और प्रीमियर जैसे प्रोडक्ट्स में AI फीचर्स जोड़े। इसके साथ ही एडोब फायरफ्लाई नाम का जेनरेटिव AI मॉडल भी पेश किया गया, जो इमेज और वीडियो बनाने में मदद करता है। कंपनी का कहना है कि AI आधारित प्रोडक्ट्स से आने वाला रेवेन्यू तेजी से बढ़ रहा है और भविष्य में यह बड़ा बिजनेस बन सकता है।