CAS की शुरुआत से सेंसेक्स में 6,000 अंकों से ज्यादा का उतार-चढ़ाव
पिछले महीने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) की शुरुआत की थी। इसका मकसद सेंसेक्स के शेयरों की क्लोजिंग कीमतें और सटीक बनाना था, लेकिन इस नए सिस्टम से ट्रेडिंग आसान होने की बजाय बड़े झटके लगने लगे हैं।
हाल की 2 एक्सपायरी में ही सेंसेक्स 6,000 अंकों से ज्यादा ऊपर-नीचे हो गया है।
पुट ऑप्शन के प्रीमियम में 500 फीसदी का उछाल
27 अगस्त को CAS के चलते सेंसेक्स कुछ ही मिनटों में 2,000 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया और आखिर में 540 अंक नीचे बंद हुआ। इसके बाद 3 सितंबर को इसने लगभग 3,900 अंकों तक दोनों तरफ का बड़ा उतार-चढ़ाव देखा। इस भारी उथल-पुथल की वजह से पुट ऑप्शन के प्रीमियम 500 फीसदी तक बढ़ गए।
ट्रेडर्स का कहना है कि जहां लिक्विडिटी कम होती है, ऐसे ऑक्शन में बड़े ट्रेड्स होने से सेटलमेंट की कीमतें गड़बड़ा जाती हैं, जिससे डेरिवेटिव्स का अनुमान लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
इन चिंताओं को देखते हुए SEBI ने अब भरोसा दिलाया है कि वह इस बात की समीक्षा करेगा कि CAS, सेटलमेंट्स को कैसे प्रभावित कर रहा है। जल्द ही इस पर एक कंसल्टेशन पेपर भी जारी किया जाएगा।