SEBI की कमोडिटी बाजार में ट्रेडिंग के नियम बदलने की तैयारी
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) गैर-कृषि कमोडिटी अनुबंधों में ट्रेडर्स के लिए होल्डिंग नियमों को अपडेट करने की तैयारी में है। इसका उद्देश्य बाजारों को और ज्यादा सक्रिय बनाना है, लेकिन साथ ही जोखिमों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
SEBI के अध्यक्ष तुहिन कांता पांडे ने बताया कि इस समीक्षा का मुख्य मकसद बाजार में लिक्विडिटी (तरलता) और गहराई को बढ़ाना है। साथ ही, जोखिमों को नियंत्रित करने के नियमों को भी मजबूत बनाए रखना है।
चरणबद्ध रोलआउट की योजना
SEBI की योजना है कि इन बदलावों को अलग-अलग चरणों में लागू किया जाएगा। पहले अनुबंधों धीरे-धीरे बढ़ने दिया जाएगा और उसके बाद ही फिजिकल सेटलमेंट की जरूरत होगी।
इस विषय पर SEBI ने सभी संबंधित पक्षों से बातचीत पूरी कर ली है। जल्द ही इस बारे में दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। कमोडिटी बाजार में वस्तु एवं सेवा कर (GST) से जुड़े मुद्दों को भी SEBI हल करने की कोशिश कर रहा है।
इसके साथ ही 'प्रोजेक्ट जाग्रूक' के तहत SEBI किसानों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) और हेजर्स को डेरिवेटिव्स के बारे में बेहतर जानकारी देना चाहता है। इससे वे सभी लोग सुरक्षित तरीके से बाजार में हिस्सा ले पाएंगे।
पांडे ने साफ किया कि सब कुछ आसान बनाने के बावजूद SEBI भरोसे और नियमों के पालन से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा, "भरोसे और बाजार की पारदर्शिता बनी रहनी चाहिए, इसमें कोई कमी नहीं आनी चाहिए।"