SEBI ने AI से ट्रेडिंग को बनाया आसान, युवा बिना कोडिंग बन रहे स्मार्ट ट्रेडर
भारतीय खुदरा निवेशकों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित एल्गोरिदम ट्रेडिंग अब तेजी से सुलभ होती जा रही है।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के 4 फरवरी, 2025 के नियमों ने इसे पहले से कहीं ज्यादा आसान बना दिया है।
जो ट्रेडिंग पहले केवल बड़े संस्थानों और अनुभवी ट्रेडर्स तक ही सीमित थी, वह अब जीरो-कोड प्लेटफॉर्म और ट्रेडिंग API जैसे आसान टूल्स की वजह से आम निवेशकों के लिए भी सुलभ हो गई है।
अरिहंत कैपिटल की मुख्य रणनीति अधिकारी श्रुति जैन का कहना है कि ऑटोमेशन की मदद से आम ट्रेडर भावनात्मक फैसले लेने से बचते हैं और अपनी बनाई हुई रणनीतियों पर कायम रहते हैं।
AI प्रॉम्प्ट से बना सकते हैं ट्रेडिंग की रणनीति
भारत में ट्रेडिंग ने बहुत लंबा सफर तय किया है। यह ट्रेडिंग फ्लोर से शुरू होकर मोबाइल ऐप्स तक पहुंचा और अब AI इसमें सबसे नया और बड़ा बदलाव लेकर आया है।
अरिहंत प्लस जैसे प्लेटफॉर्म शुरुआती निवेशकों को बिना कोडिंग के केवल साधारण AI प्रॉम्प्ट का इस्तेमाल करके ट्रेडिंग रणनीतियां बनाने की सुविधा देते हैं।
यह उन युवा निवेशकों को बहुत पसंद आ रहा है, जो खुद ट्रेड करने की बजाय टेक्नोलॉजी से अपना काम आसान करवाना चाहते हैं।
वित्त वर्ष 2026 के अंत तक देश में 22.5 करोड़ से ज्यादा डीमैट अकाउंट होने से यह साफ है कि जैसे-जैसे ज्यादा लोग स्मार्ट ट्रेडिंग टूल्स अपनाएंगे, इस क्षेत्र में भारी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।