SEBI ने अगस्त की गलती को सुधारते हुए CAS नियमों में किया बदलाव
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने हाल ही में अपने क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के नियमों में बदलाव किया है। अगस्त में लागू किए गए नियमों की वजह से शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव आया था और ट्रेडिंग करना मुश्किल हो गया।
अब एक्सपायरी के दिनों में डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट के लिए वॉल्यूम-वेटेड एवरेज प्राइस (VWAP) तरीके को फिर से शुरू किया गया है। इससे ब्रोकर्स को उम्मीद है कि ट्रेडिंग पहले से ज्यादा आसान और सुचारू होगी, जिससे उनकी परेशानियां कम होंगी।
7 दिसंबर से लागू होगा नया CAS फ्रेमवर्क
यह नया CAS फ्रेमवर्क 7 दिसंबर से प्रभावी होगा। इससे बाजार में ट्रेडिंग में स्थिरता आने के साथ-साथ ब्रोकरेज कंपनियों की कमाई भी बढ़ने की उम्मीद है।
एंजेल वन और ग्रो जैसी कंपनियाें की कमाई पुराने नियमों की वजह से कम हो गई थी, उन्हें अब तेजी से सुधार की उम्मीद है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार में निवेशकों की भागीदारी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ सकती है।