SEBI की स्वतंत्र निदेशकों के लिए सपोर्ट नेटवर्क बनाने की योजना
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) स्वतंत्र निदेशकों की मदद के लिए एक नई योजना पर विचार कर रहा है। ये स्वतंत्र निदेशक कंपनियों के बोर्ड में शामिल होते हैं और आम निवेशकों के हितों की रक्षा करते हैं। इस नई योजना का मकसद है कि वे अपना काम और बेहतर तरीके से कर सकें।
SEBI के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने कोलकाता में इस योजना का ऐलान किया। इसका मुख्य विचार एक ऐसा सपोर्ट नेटवर्क तैयार करना है, जिससे ये निदेशक आपस में ज्यादा तालमेल बिठा सकें। उनका ध्यान केवल नियमों का पालन करने पर ही न रहे, बल्कि वे शेयरधारकों के हितों को सबसे ऊपर रखें।
साइबर सुरक्षा पर ध्यान देने को कहा
पांडे का कहना है कि स्वतंत्र निदेशकों को केवल वित्तीय मामलों तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें साइबर सुरक्षा और पर्यावरण स्थिरता जैसे बड़े और अहम मुद्दों में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।
SEBI कुछ नियमों में बदलाव करने और टेक्नोलॉजी से जुड़े टूल लाने पर भी विचार कर रहा है। इससे इन निदेशकों का काम आसान हो पाएगा और साथ ही निवेशकों की सुरक्षा भी बनी रहेगी।
बोर्ड का लक्ष्य है कि इन निदेशकों को वे सभी जरूरी कौशल और काम करने की पूरी आजादी मिले, ताकि कंपनियां सभी निवेशकों के लिए विश्वसनीय बनी रहें, चाहे वे नए ही क्यों न हों।