सऊदी अरामको का मुनाफा 33 फीसदी उछलकर करीब 3,200 अरब रुपये पहुंचा
सऊदी अरामको ने 2026 की दूसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी के मुनाफे में 33 फीसदी की बड़ी उछाल दर्ज की गई।
इस तिमाही में कंपनी का मुनाफा 33.4 अरब डॉलर (करीब 3,200 अरब रुपये) तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 25.2 अरब डॉलर (करीब 2,400 अरब रुपये) था।
मुनाफे में यह भारी बढ़ोतरी तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण हुई, जब होर्मुज जलडमरूमध्य में आपूर्ति में रुकावट आने से तेल की कीमत करीब 97 डॉलर (करीब 9,200 रुपये) प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।
अरामको ने शिपमेंट का रास्ता बदला
आपूर्ति में आई इस बड़ी बाधा से निपटने के लिए अरामको ने तुरंत अपने निर्यात मार्ग बदल दिए। कंपनी ने अपने ज्यादातर तेल टैंकरों को लाल सागर के रास्ते से भेजा, जिससे क्षेत्र में फैली उथल-पुथल के बावजूद तेल की आपूर्ति बनी रही।
इसके अलावा, कंपनी के रिफाइंड प्रोडक्ट जैसे डीजल और जेट फ्यूल ने भी मुनाफा बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया क्योंकि इनकी कीमतें कच्चे तेल से ज्यादा होती हैं।
हूती ग्रुप ने लाल सागर के टैंकरों को दी धमकी
भले ही अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद तेल की कीमतें फिर से कम हो गईं, लेकिन क्षेत्र में तनाव अभी भी बरकरार है।
यमन के हूती समूह ने अब लाल सागर के रास्ते से गुजरने वाले तेल टैंकरों को धमकी देनी शुरू कर दी है। यह रास्ता होर्मुज जलडमरूमध्य का एक अहम विकल्प माना जाता है।
ऐसे में दुनियाभर में तेल की आपूर्ति पर अभी भी खतरा बना हुआ है क्योंकि शिपिंग कंपनियां उन संवेदनशील इलाकों से बचने की कोशिश में हैं, जहां खतरे की आशंका अधिक है।