पश्चिमी एशिया संकट को लेकर RBI गवर्नर ने वैश्विक जोखिम की दी चेतावनी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष से पैदा होने वाले कई बड़े वैश्विक जोखिमों को लेकर चेतावनी जारी की है।
उन्होंने बताया कि इससे ऊर्जा के दाम बढ़ रहे हैं और आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में भी बाधाएं आ रही हैं, जिससे दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं की रफ्तार धीमी पड़ रही है।
गवर्नर ने यह भी कहा कि जहां एक तरफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का क्रेज शेयर बाजार को उत्साहित रख रहा है, वहीं दूसरी ओर बॉन्ड मार्केट महंगाई की चिंताओं और बढ़ते कर्ज के बोझ तले दबाव महसूस कर रहा है।
उभरते बाजारों की मुद्राएं हो रही कमजोर
मल्होत्रा ने इस बात पर जोर दिया कि आजकल करेंसी मार्केट काफी अस्थिर है, जहां उभरते बाजारों की कई मुद्राएं अपनी कीमत गंवा रही हैं।
हालांकि, उनका मानना है कि भारत इस मामले में मजबूत स्थिति में है। इसकी वजह मजबूत बुनियादी कारक और उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति का स्थिर रहना है।
उन्होंने आगे आने वाले कुछ संभावित उतार-चढ़ावों के लिए भी आगाह किया, जिसमें कमजोर मानसून या अल नीनो का असर शामिल है। मगर, उन्होंने यह भी बताया कि भारत का केंद्रीय बैंक अभी ब्याज दरों को स्थिर बनाए हुए है और किसी भी अप्रत्याशित हालात से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।