एडवर्ब की दुनिया में भारत को फिजिकल AI में अग्रणीय बनाने की तैयारी
भारतीय रोबोटिक्स कंपनी एडवर्ब अब दुनियाभर में अपनी पहचान बनाना चाहती है। यह कंपनी कोलैबोरेटिव रोबोट, क्वाड्रुपेड्स और ह्यूमनॉइड्स जैसे आधुनिक रोबोट्स के साथ रोबोटिक्स की नई ऊंचाइयों को छूने का लक्ष्य बना रही है।
कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) संगीत कुमार इन रोबोट्स को रोबोटिक्स की अगली जनरेशन बताते हैं और उनका मानना है कि उभरते हुए फिजिकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारत दुनिया को राह दिखा सकता है।
कुमार का कहना है कि रोबोट कितने भी स्मार्ट क्यों न हो जाएं, अगले 20 सालों तक इंसान ही इन सभी गतिविधियों के केंद्र में रहेंगे।
पहला पहिए वाला ह्यूमनॉइड रोबोट लॉन्च
2016 में अपनी शुरुआत के बाद से एडवर्ब ने 25 से ज्यादा देशों में अपने ग्राहक बनाए हैं। कंपनी की कुल कमाई का आधा हिस्सा भारत से आता है और बाकी आधा विदेशों से।
कंपनी ने हाल ही में भारत का पहला पहिए वाला ह्यूमनॉइड रोबोट एलिक्सिस-W लॉन्च किया है, जिसे उद्योगों के लिए तैयार किया गया है।
इसके पैरों वाले वर्जन को भी जल्द ही लॉन्च करने की योजना है। ग्रेटर नोएडा में मौजूद उनकी बॉट वर्स फैक्टरी दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल रोबोट फैक्टरी है, जहां हर साल लगभग एक् लाख रोबोट बनाए जा सकते हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2026 में 700 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित करने के साथ इसका लक्ष्य अपनी बड़ी भविष्य की योजनाओं को देखते हुए अगले 10 सालों में दुनिया की शीर्ष 5 रोबोटिक्स कंपनियों में अपनी जगह बनाना है।