कच्चे तेल में गिरावट और अमेरिका-ईरान वार्ता से रुपये को मिली मजबूती
भारतीय रुपये को बुधवार (23 सितंबर) को 2 पैसा मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.57 पर खुला। यह पिछले कारोबारी सत्र में 95.59 पर बंद हुआ था।
रुपये में आई इस तेजी की मुख्य वजह वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और संयुक्त राष्ट्र (UN) में अमेरिका और ईरान के बीच हुई महत्वपूर्ण बातचीत रही।
इस सप्ताह ब्रेंट क्रूड तेल में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कुछ ही दिन पहले जो तेल 109 डॉलर (करीब 10,000 रुपये) प्रति बैरल से ऊपर था, वह अब 99 डॉलर (करीब 9,400 रुपये) प्रति बैरल पर आ गया है।
RBI का चाहता है रुपया 96 से नीचे रहे
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की कोशिश है कि रुपये को 96 के स्तर से नीचे स्थिर बनाए रखा जाए। यह ऐसे समय में हो रहा है, जब UN में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर दिए गए कड़े संदेश के बाद से दुनियाभर में तनाव बढ़ गया है।
सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक अमित पाबरी का कहना है कि अगर, रुपया 95.70 रुपये से नीचे बना रहता है तो आने वाले समय में इसमें और मजबूती देखने को मिल सकती है।