रेवोल्यूट करीब 10,500 अरब रुपये के मूल्यांकन पर कर रही सेकेंडरी शेयर बेचने की तैयारी
डिजिटल बैंकिंग ऐप रेवोल्यूट एक बड़े सेकेंडरी शेयर बेचने की तैयारी कर रही है, जिससे इसका मूल्यांकन 115 अरब डॉलर (10,500 अरब रुपये) तक पहुंच सकती है।
यह कदम तब उठाया जा रहा है, जब कंपनी को यूनाइटेड किंगडम (UK) में बैंकिंग लाइसेंस मिल गया है और उसने अमेरिका में भी बैंक बनने के लिए आवेदन किया है।
इस सौदे का मुख्य उद्देश्य शुरुआती निवेशकों और कर्मचारी को अपने शेयर्स बेचकर पूंजी भुनाने का अवसर देना है। यह सौदा कुछ ही हफ्तों में शुरू हो सकता है।
CEO का मालिकाना हक भी बढ़ेगा
अगर, यह मूल्यांकन सफल होता है तो मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) निक स्टॉरोंस्की के मालिकाना हक का मूल्य कम से कम 36 अरब डॉलर (6,950 अरब रुपये) तक पहुंच सकता है।
पिछले साल नवंबर, 2025 में एंड्रेसेन होरोविट्ज जैसे बड़े निवेशकों की वजह से रेवोल्यूट का मूल्यांकन 75 अरब डॉलर (10,500 अरब रुपये) आंकी गई थी।
कंपनी का कहना है कि आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) से पहले इस तरह के और सेकेंडरी शेयर सेल हो सकते हैं। फिलहाल, कम से कम 2028 तक IPO की उम्मीद नहीं है। इसलिए, कंपनी के तुरंत शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की संभावना कम है।