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साल में जरूर करें वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा, ITR दाखिल करते समय ही न लें सुध
वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा बीच-बीच में करते रहने से कई समस्याओं का पता चल जाता है

साल में जरूर करें वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा, ITR दाखिल करते समय ही न लें सुध

Jul 19, 2026
03:43 pm

क्या है खबर?

ज्यादातर लोग अपने वित्तीय दस्तावेजों पर साल में एक बार इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करते समय ही निगाह डालते हैं, जबकि 12 महीनों में बहुत कुछ बदल सकता है। निवेश आपके लक्ष्यों के अनुरूप न हों, इंश्योरेंस कवर परिवार की जरूरतों के हिसाब से कम हो गया या नॉमिनेशन पुराना हो गया। साधारण सालाना समीक्षा से आपको इन समस्याओं का पता लगाने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं वे दस्तावेज, जिन्हें बीच-बीच में देखते रहना चाहिए।

बीमा पॉलिसी 

बीमा पॉलिसी पर्याप्त है या नहीं 

आपको बीमा दस्तावेजों में बीमा राशि, कवर किए गए लोग, नॉमिनी का विवरण और क्या पॉलिसी आपके परिवार की जरूरतों के हिसाब से सही है या नहीं यह देखें।

अगर, आपके घर में बच्चा हुआ है, आपने नौकरी बदली है या ऐसे शहर में चले गए हैं, जहां स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च ज्यादा है तो हो सकता है कि मौजूदा पॉलिसी अब पर्याप्त न हो।

जैसे-जैसे आपकी जिंदगी बदलती है, वैसे-वैसे आपकी जीवन बीमा पॉलिसी में भी बदलाव होना चाहिए।

नॉमिनी 

नॉमिनी की जानकारी करें अपडेट

बहुत से लोग अकाउंट खोलते समय नॉमिनेशन फॉर्म भरते हैं और फिर कभी उनके बारे में नहीं सोचते।

कुछ मिनट निकालकर यह जरूर देखें कि क्या नॉमिनी वही व्यक्ति है, जिसे आप पैसे देना चाहते हैं।

शादी, तलाक या बच्चे का जन्म जैसी बड़ी घटनाओं के समय इन जानकारियों को दोबारा देखना या रिव्यू करना अच्छा रहता है।

चाहे आप म्यूचुअल फंड, शेयर या फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करते हैं तो इसकी समीक्षा करना फायदेमंद होता है।

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वसीयत 

वसीयत में भी करें बदलाव 

अगर, आपने पहले से ही वसीयत बनाई हुई है तो साल में एक बार उसे जरूर पढ़ें। इसमें बस कुछ ही मिनट लगते हैं, लेकिन इससे यह पता चल जाता है कि क्या वह अभी भी आपकी इच्छाओं के मुताबिक है।

अगर, आपने कोई और प्रॉपर्टी खरीदी है, परिवार में कोई नया सदस्य आया है या कोई बड़ी संपत्ति बेची है तो हो सकता है कि आपको अपनी वसीयत अपडेट करने की जरूरत पड़े।

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लोन 

लोन की करें समीक्षा 

होम लोन, पर्सनल लोन और एजुकेशन लोन की भी समय-समय पर समीक्षा करनी चाहिए। बकाया राशि और ब्याज दर की जांच करें और देखें कि कहीं आप जरूरत से ज्यादा भुगतान तो नहीं कर रहे हैं।

अगर, ब्याज दरों में बदलाव हुआ है तो यह पता लगाना फायदेमंद हो सकता है।

साल में एक बार अपनी क्रेडिट रिपोर्ट देखने से आपको गलतियों, बिना आपकी जानकारी के लिए गए लोन या बकाया अकाउंट्स का पता चल सकता है।

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