जियो के सबसे बड़े IPO की प्रोजेक्ट जुपिटर के तहत चल रही गोपनीय तैयारी
जियो प्लेटफॉर्म्स देश के अब तक के सबसे बड़े आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की तैयारी कर रहा है। रिलायंस ने इस पूरी तैयारी को 'प्रोजेक्ट जुपिटर' नाम दिया है।
पिछले साल कंपनी के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने कहा था कि जियो को 2026 के मध्य तक शेयर बाजार में लाया जाएगा। तभी से कंपनी की टीम इस बड़े काम में जुट गई है।
वे कानूनी नियमों और निवेशकों के साथ होने वाले समझौतों जैसी सभी बातों पर बारीकी से काम कर रहे हैं और इस पूरी प्रक्रिया को बेहद गोपनीय रखा गया है।
SEBI की छूट से मिला कंपनी को फायदा
सितंबर, 2025 में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक बड़ा नियम बदला है, जिससे कंपनियों को IPO लाने में काफी आसानी हो गई। अब 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कीमत वाली कंपनियों को सिर्फ 2.5 फीसदी शेयर जनता के लिए पेश करने होंगे, जो पहले 5 फीसदी थे।
इस नियम के बाद रिलायंस ने KKR, मेटा और अल्फाबेट जैसे बड़े निवेशकों को अपनी करीब 8 फीसदी हिस्सेदारी कम करने पर राजी कर लिया।
इतना ही नहीं, रिलायंस पुराने शेयर बेचने की बजाय नए शेयर जारी करेगी, ताकि जुटाए गए 4 अरब डॉलर (करीब 350 अरब रुपये) की पूरी रकम भारत में ही जियो के पास रहे।
इस पूरे प्रोजेक्ट को बेहद गोपनीय रखा गया है, यहां तक कि बातचीत में भी सीमित ईमेल और कागजी दस्तावेजों का ही इस्तेमाल हुआ है। इसी महीने इसका ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस भी फाइल किया गया है, जिसमें 19 निवेश बैंक शामिल हैं।