ऑटोमेशन की मदद से काम करने पर कंपनी ने कर्मचारी को नौकरी से निकाला
एक कर्मचारी रेडिट पर खूब चर्चा में आ गया। उसने बताया कि उसे नौकरी से इसलिए निकाल दिया गया है क्योंकि उसने अपने 6 घंटे के रोजमर्रा के काम को ऑटोमेशन की मदद से केवल एक घंटे में खत्म करना सीख लिया था।
कहानी में मोड़ तब आया, जब कंपनी ने उसे निकालने के बाद उसी कर्मचारी से कहा कि वह अपने नए बदले हुए आदमी को ट्रेनिंग दे। कर्मचारी ने साफ मना कर दिया।
इस घटना के बाद ऑनलाइन यह बड़ी बहस छिड़ गई कि यह सही था या गलत, नैतिक था या अनैतिक।
ऑटोमेशन और पेशेवर रवैये पर राय बंटी
रेडिट पर यूजर्स की राय बंटी हुई है। कुछ लोग कर्मचारी के इस फैसले का समर्थन कर रहे हैं कि नौकरी जाने के बाद वह नए कर्मचारी की मदद न करे, वहीं कुछ का मानना है कि पेशेवर बने रहना जरूरी है और नौकरी छोड़ने पर मिलने वाले मुआवजे या भविष्य के सहकर्मियों की मदद करने जैसी बातों पर ध्यान देना चाहिए।
यह कहानी कुछ बड़े सवाल उठाती है कि जब लोग काम में जरूरत से ज्यादा कुशल हो जाते हैं तो क्या होता है और ऑटोमेशन कैसे सभी की जॉब सिक्योरिटी को प्रभावित कर रहा है।