REC ने डिजिटल करेंसी से लॉन्च किया पहला टोकनाइज्ड बॉन्ड
REC लिमिटेड ने भारत का पहला टोकनाइज्ड बॉन्ड लॉन्च करके इतिहास रच दिया है और इसके जरिए 500 करोड़ रुपये जुटाए हैं।
बाजार में इसकी खूब चर्चा थी। निवेशकों ने इस बॉन्ड के लिए जबरदस्त रुचि दिखाई और ऑफर से 8 गुना ज्यादा 796 करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं।
यह पूरा काम भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के रेगुलेटरी सैंडबॉक्स के तहत किया गया। इस सैंडबॉक्स से कंपनियों को नई और आधुनिक फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी को टेस्ट करने की सुविधा मिलती है।
बाॅन्ड पर मिलेगा 7.30 फीसदी ब्याज
यह बॉन्ड करीब 20 महीने तक चलेगा और इस पर 7.30 फीसदी का कूपन यानि ब्याज मिलेगा। इस बॉन्ड का सेटलमेंट भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की होलसेल डिजिटल करेंसी का इस्तेमाल करके किया गया।
इसका मतलब केवल पैसे का लेन-देन ही नहीं, बल्कि भारतीय वित्त बाजार में ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की एंट्री भी है। टोकनाइज्ड बॉन्ड में ब्लॉकचेन का उपयोग करके मालिकाना हक को डिजिटली दर्ज किया जाता है।
इससे लेन-देन बहुत तेजी से होता है और बिचौलियों की जरूरत खत्म हो जाती है। इस सिस्टम से लागत कम होती है और सभी के लिए ज्यादा पारदर्शिता आती है।