Loading...
RBI ने खारिज की टाटा संस की डी-रजिस्ट्रेशन की अर्जी, कंपनी को होना होगा सूचीबद्ध
टाटा संस की डी-रजिस्ट्रेशन की अर्जी को RBI ने खारिज कर दिया है

RBI ने खारिज की टाटा संस की डी-रजिस्ट्रेशन की अर्जी, कंपनी को होना होगा सूचीबद्ध

Sep 12, 2026
06:28 pm

क्या है खबर?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने टाटा संस की नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) के तौर पर अपना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट स्वेच्छा से सरेंडर करने की मांग की अर्जी को ठुकरा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, आवेदन खारिज होने के बाद कंपनी को अपर-लेयर NBFCs के लिए RBI के नियमों का पालन करना होगा, जिसमें स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने की शर्त भी शामिल है। यह घटनाक्रम टाटा संस के नियामक स्टेटस को लेकर कई सालों से बनी अनिश्चितता के बाद हुआ है।

आवेदन 

2024 में किया था रजिस्ट्रेशन सरेंडर आवेदन

कंपनी ने 21,813 करोड़ रुपये का कर्ज समय से पहले चुकाने और वित्त वर्ष 2024 में नेट कैश पॉजिटिव होने के बाद मार्च, 2024 में RBI को अपना कोर इंवेस्टमेंट कंपनी (CIC) रजिस्ट्रेशन सरेंडर करने के लिए आवेदन किया।

RBI ने सितंबर, 2022 में सबसे पहले टाटा संस को 'अपर-लेयर NBFC' के तौर पर श्रेणीबद्ध किया था।

पुराने नियमों के तहत अपर-लेयर NBFCs को 3 साल के अंदर सूचीबद्ध होना जरूरी था, जिससे लिस्टिंग की डेडलाइन सितंबर, 2025 तय हुई।

लिस्टिंग 

कंपनी की लिस्टिंग लंबित 

CNBC-TV18 के मुताबिक, कंपनी सूचीबद्ध नहीं हो पाई क्योंकि उसका डी-रजिस्ट्रेशन का आवेदन पेंडिंग था। इसके बाद RBI ने फ्रेमवर्क में बदलाव किया।

नए नियमों के तहत 1 लाख करोड़ रुपये या उससे ज्यादा एसेट्स वाली NBFCs को 'अपर-लेयर' श्रेणी में रखा गया है।

टाटा संस के स्टैंडअलोन एसेट्स इस सीमा से कहीं ज़्यादा हैं, जिसका मतलब है कि बदले हुए नियमों के तहत भी कंपनी रेगुलेटरी फ्रेमवर्क के दायरे में बनी रहेगी।

ADVERTISEMENT