RBI गवर्नर ने रेपो रेट में आगे और बढ़ोतरी के दिए संकेत
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 2022 के बाद पहली बार अपनी रेपो रेट बढ़ाकर 5.50 फीसदी कर दी है। उसका यह फैसला करीबी वोटिंग के बाद आया है।
इसका मकसद बढ़ती महंगाई और लगातार कमजोर हो रहे रुपये को काबू में करना है। ये दोनों ही बातें आपकी रोजमर्रा की शॉपिंग से लेकर छुट्टियों की प्लानिंग तक हर चीज पर असर डालती हैं।
अर्थव्यवस्था के लिए बताए 4 जोखिम
केंद्रीय बैंक ने अपने रुख को 'न्यूट्रल' से बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' करते हुए आगे भी ब्याज दरें बढ़ाने का संकेत दिया, लेकिन गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि और बढ़ोतरी कितनी और कब होगी, यह असल महंगाई और ग्रोथ के नतीजों पर निर्भर करेगा। उन्होंने कुछ बड़े वैश्विक मुद्दों की ओर भी इशारा किया। इनमें पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, तेल की कीमतों में बड़ा उतार-चढ़ाव, टैरिफ को लेकर चिंताएं और बॉन्ड यील्ड का अधिक होना शामिल है। इन्हीं वजहों से शेयर बाजार सहमे हुए हैं।
फिर भी, मल्होत्रा ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और RBI का पूरा ध्यान लंबी अवधि तक स्थिरता बनाए रखने पर है।