RBI ने रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया, 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा
क्या है खबर?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद शुक्रवार को हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया है। इसे 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया है। इससे पहले दिसंबर में हुई समिति की बैठक में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत अंक की कमी की गई थी और रेपो रेट घटकर 5.25 प्रतिशत हो हो गया था। रेपो रेट में कोई बदलाव न होने से लोन औऱ किस्तों पर असर नहीं पड़ेगा।
महंगाई
महंगाई दर बढ़ने का अनुमान
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में हुई 3 दिवसीय MPC की बैठक में शुक्रवार को वित्त वर्ष 2027 की पहली और दूसरी तिमाही के लिए अपने मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को क्रमशः 4 और 4.2 प्रतिशत तक बढ़ा दिया। RBI ने चालू वित्त वर्ष में मुद्रास्फीति दर 2.1 प्रतिशत, वित्तवर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए 4 प्रतिशत और दूसरी तिमाही के लिए 4.2 प्रतिशत का अनुमान लगाया है। विदेशी मुद्रा भंडार 723.8 अरब डॉलर पर मजबूत स्थिति में है।
विकास दर
विकास दर में होगी बढ़ोतरी
मल्होत्रा ने कहा कि RBI ने अगले वित्तीय वर्ष की पहली और दूसरी तिमाही के लिए विकास दर में क्रमशः 6.9 प्रतिशत और 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है। MPC ने वित्तवर्ष 2025-26 के लिए अपने विकास अनुमान को पहले के 7.3 प्रतिशत के अनुमान से संशोधित करके 7.4 प्रतिशत कर दिया है, जो केंद्रीय बैंक के आर्थिक गति के आकलन में बदलाव को दर्शाता है। मल्होत्रा ने बजट 2026 में घोषित उपाय विकासों को बढ़ाने वाला बताया।
मुआवजा
धोखाधड़ी के शिकार ग्राहकों को मुआवजा
बैठक के निर्णय़ की जानकारी देते हुए मल्होत्रा ने बताया कि RBI ने छोटे-मोटे धोखाधड़ी वाले लेन-देन में हुए नुकसान के लिए ग्राहकों को 25,000 रुपये तक का मुआवजा देने का ढांचा पेश करने का प्रस्ताव रखा है। मल्होत्रा ने कहा, "धोखाधड़ी वाले लेन-देन के संबंध में, हम डिजिटल भुगतान की सुरक्षा बढ़ाने के लिए संभावित उपायों पर एक चर्चा पत्र प्रकाशित करने का भी प्रस्ताव रखते हैं। इन उपायों में उपयोगकर्ताओं के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण शामिल हो सकते हैं।"
आपूर्ति
एक साल में 125 आधार अंक कम हुआ रेपो रेट
बैठक में RBI ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के लिए शाखा खोलने के नियमों में ढील का प्रस्ताव दिया है। साथ ही, RBI अब कुछ सुरक्षा उपायों के साथ बैंकों को रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (REIT) को ऋण देने की अनुमति देगा। RBI ने खरीफ की अच्छी पैदावार, खाद्यान्न के पर्याप्त भंडार, रबी की अनुकूल बुवाई के कारण खाद्य आपूर्ति सकारात्मक बताया। RBI ने फरवरी 2025 से अब तक रेपो रेट में कुल 125 आधार अंकों की कमी किया है।
रेपो रेट
रेपो रेट स्थिर रहने से क्या फायदा है?
रेपो रेट के स्थिर होने से लोगों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा क्योंकि इससे पहले की तिमाहियों में रेट कम हो चुके हैं। होम लोन, पर्सनल लोन और वाहन लोन लेने वाले लोगों को इससे राहत मिलेगी, क्योंकि ये न तो बढ़ेगा और न ही घटेगा। जब बैंकों को RBI से कम ब्याज दर पर कर्ज मिलेगा तो वह ग्राहकों को भी कम दर पर कर्ज देंगे। इससे लोगों को राहत ही मिलेगी।