क्रिप्टोकरेंसी बिगाड़ सकती है भारत के पैसे पर नियंत्रण, RBI गवर्नर की चेतावनी
भारत का केंद्रीय बैंक फिलहाल क्रिप्टोकरेंसी को पूरी तरह से नहीं अपना रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि भारत क्रिप्टोकरेंसी के पीछे इस्तेमाल होने वाली तकनीक, जैसे डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर और टोकनाइजेशन को तो पसंद करता है, लेकिन देश इन्हें मुख्यधारा में लाने को लेकर अभी भी सतर्क है।
इसकी सबसे बड़ी चिंता यह है कि क्रिप्टोकरेंसी भारत के पैसे पर नियंत्रण को बिगाड़ सकती हैं और देश में नकदी के आने-जाने के तरीके को प्रभावित कर सकती हैं।
सीमा पार लेन-देन के लिए CBDCs पर जोर
मल्होत्रा ने बताया कि भारत के भुगतान सिस्टम पहले से ही मजबूत हैं और सीमा पार भुगतानों को और आसान बनाने के लिए केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं (CBDCs) की संभावनाओं पर विचार किया जा सकता है।
उन्होंने वैश्विक रुझानों पर भी बात की और कहा कि दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रोजेक्ट्स पर भारी खर्च की वजह से सार्वजनिक कर्ज और बॉन्ड यील्ड बढ़ रही हैं।
फिलहाल, RBI का ध्यान देश में स्थिर विकास बनाए रखने पर है, भले ही वैश्विक ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव आ रहा हो।