
रतन टाटा ने वसीयत में कर्मचारियों के लिए छोड़े 3 करोड़ रुपये, जानिए किसको कितना मिला
क्या है खबर?
दिवंगत रतन टाटा न केवल एक सफल उद्यमी थे, बल्कि नेकदिल इंसान भी रहे। इस बात का प्रमाण उनकी वसीयत में भी देखने को मिला है।
जिंदा रहते हुए तो उन्होंने अपने साथ काम करने वाले कर्मचारियों का ध्यान रखा ही, लेकिन मरने के बाद भी अपनी वसीयत में उनके लिए बहुत कुछ छोड़कर गए हैं।
उन्होंने अपनी वसीयत में अपने घर और दफ्तर के कर्मचारियों के लिए 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम छोड़ी है।
वसीयत
कर्मचारियों को कितना मिला पैसा?
TOI की रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ने अपनी संपत्ति में से 15 लाख रुपये उन घरेलू नौकरों को बांटने का निर्देश दिया, जो 7 साल या उससे ज्यादा समय से उनके साथ थे।
इसके अलावा अंशकालिक कर्मचारियों और कार क्लीनरों को 1-1 लाख रुपये देने काे कहा।
23 फरवरी, 2022 को बनाई वसीयत में कर्मचारियों का कर्ज भी माफ किया। उन्होंने कार्यकारी सहायक शांतनु नायडू को पढ़ाई के लिए लिया 1 करोड़ रुपये लोन माफ कर दिया।
देखभाल
वसीयत में कुत्ते को भी मिला इतना पैसा
रतन टाटा ने अपने रसोइया रंजन शॉ को 1 करोड़ रुपये दिए हैं, जिसमें 51 लाख रुपये का कर्जा शामिल है।
उनके बटलर सुब्बैया कोनार को 66 लाख रुपये और सचिव डेलनाज गिल्डर को 10 लाख रुपये और वसीयत को पूरा करने के लिए टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टी दारियस खंबाटा और अन्य लोगों को 5-5 लाख रुपये इनाम के तौर पर मिले हैं।
उनके प्रिय जर्मन शेफर्ड कुत्ते 'टीटो' की देखभाल के लिए 12 लाख रुपये रखे गए हैं।