निवेशक ने AI, रोबोटिक्स और क्रिप्टो में तेज प्रगति पर जताई चिंता
क्रिप्टो निवेशक राउल पॉल ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और क्रिप्टो की तेज प्रगति को लेकर बड़ी चिंता जताई है। उनका कहना है कि आने वाले केवल 4 सालों में हम 'आर्थिक सिंगुलैरिटी' के दौर में पहुंच सकते हैं।
उनका मुख्य डर यह है कि ये तकनीकें इतनी तेज़ी से बदल रही हैं कि हमारी मौजूदा आर्थिक व्यवस्थाएं इनके साथ कदम से कदम मिलाकर नहीं चल पा रही हैं। इसका नतीजा यह हो सकता है कि कई पुराने बिजनेस मॉडल जल्द ही बेमानी हो जाएंगे।
IMF ने भी जताई आर्थिक अस्थिरता की आशंका
पॉल की इस चिंता में वे अकेले नहीं हैं। हैरिस कुपरमैन और अर्थशास्त्री माइकल रॉबर्ट्स जैसे कई दूसरे वित्तीय विशेषज्ञों ने भी ऐसी ही आशंकाएं जताई हैं।
लगातार बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी दुनिया की अर्थव्यवस्था के डगमगाने की बात कही है।
पॉल का कहना है कि पुरानी दुनिया के हिसाब से बनी व्यवस्थाएं अब आगे नहीं चल पाएंगी। उनका साफ शब्दों में कहना है, "हमारे पास शायद केवल 4 साल का समय है, इससे पहले कि दुनिया जैसी हम उसे जानते हैं, वैसा काम करना बंद कर दे।"